भूमि पुत्र दम तोड़ रहे भूखे नंगे परिवेशों में !
इधर देश का काला धन बंदी बन गया विदेशो में !!
रामकृष्ण के घर को लुटा घर के पहरेदारों ने !
संसद का सत्ता सुख भोगा फाँसी के हकदारो ने !!
दल बदलू वोटो के मंगते राजनीती से निति गई !
अमर शहीदों की कुर्बानी वाली बातें बीत गई !!
धनी कुबेरों ने विदेश में सकल संपदा पंहुचा दी !
अन्न उगाने वालो को केवल मरने की आजादी !!
( पंडित नरेन्द्र मिश्र )
No comments:
Post a Comment